देश के सबसे लंबा एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य जुलाई से शुरू हो जाएगा। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ इसका निर्माण करा रहीं है। इसके लिए एक ओर यूपीडा जमीन खरीदने का काम तेजी से कर रहा है तो वहीं निर्माण एजेंसियों के चयन का काम भी शुरू हो गया है। मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले इस एक्सप्रेसवे को दिसंबर 2023 तक पूरा करने की तैयारी है।
यूपीडा इस एक्सप्रेसवे को पीपीपी माडल के तहत डीबीएफओटी (डिजाइन, बिड, फाइनेंस, आपरेट ट्रांसफर) पद्धति पर निर्माण कंपनियों का चयन करेगी। अभी तक देश विदेश की 11 प्रतिष्ठित कंपनियों ने इच्छा जताई है। इनमें मलेशिया की आईजेएम कारपोरेशन व दक्षिण कोरिया की इनटोपिया खास हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 600 किमी होगी। गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना की कुल अनुमानित लागत रू 36410 करोड़ है। यह परियोजना 12 जिलों की 30 तहसीलों से होकर गुजरेगी। यह मेरठ से शुरु होकर हापुड़, बुलन्दशहर, अमरोहा, सम्भल, बंदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ पर होते हुए प्रयागराज तक जायेगी।
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