Nationa-youth-day-theedusarthi
National Youth day 2021 : जानें क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय युवा दिवस
January 12, 2021
National youth parliament theedusarthi
National Youth Parliament 2021: जानें राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव के बारे में
January 12, 2021

नासा 17 जनवरी, 2021 को दुनिया में सबसे शक्तिशाली रॉकेट को लॉन्च करेगी। नासा ने इसे “स्पेस लॉन्च सिस्टम” नाम दिया है।

इस सिस्टम की विशेषताएं

  • स्पेस लॉन्च सिस्टम पहली महिला और पुरुष अंतरिक्षयात्री को चंद्रमा तक ले जाएगी।
  • यह 98 मीटर लंबा है। इसमें 27टन से अधिक भार उठाने की क्षमता है।
  • स्पेस लॉन्च सिस्टम को लोअर अर्थ ऑर्बिट में रखा जायेगा।
  • इसमें चार आरएस -25 इंजन हैं।

ये भी पढ़ें— MSP : जानें एमएसपी से जुड़े हर एक पहलु के बारे में, जिसको लेकर किसान आंदोलन कर रहे है

स्पेस लॉन्च सिस्टम में एक विशाल कोर है। इसमें दो ठोस रॉकेट बूस्टर हैं। इनके अलावा, कोर में दो बड़े भंडारण टैंक हैं। एक टैंक तरल हाइड्रोजन और दूसरा तरल ऑक्सीजन स्टोर करता है। जब तरल ऑक्सीजन और हाइड्रोजन को इंजन के चैंबर में भेजा जाता है, तो रासायनिक प्रतिक्रिया से भारी मात्रा में ऊर्जा और भाप बनती है। यह भाप 16,000 किमी / घंटा की गति से इंजन नोजल को बाहर निकालती है ताकि हवा के माध्यम से रॉकेट को आगे बढ़ने में मदद की जा सके। सॉलिड रॉकेट बूस्टर्स गुरुत्वाकर्षण बल के नियंत्रण से बाहर निकलने के लिए अतिरिक्त शक्ति प्रदान करते हैं। ये ठोस बूस्टर कुल थ्रस्ट का 75% प्रदान करते हैं।

एसएलएस सबसे शक्तिशाली रॉकेट क्यों है?

SLS लॉन्च के समय 1 मेगा न्यूटन के थ्रस्ट उत्पन्न करेगा। यह सैटर्न वी से 15% अधिक है। यह अब तक का सबसे अधिक थ्रस्ट स्तर है। 1960 में, सोवियत संघ ने N1 का निर्माण किया था। एन 1 को चंद्रमा तक पहुंचने के लिए बनाया गया था। यह 4 मेगा न्यूटन के जोर का उत्पादन कर सकता है। हालांकि, एन 1 मिशन असफल रहा था।

ये भी पढ़ें— Siachen’s Hero : जानें कौन थे कर्नल नरेन्द्र कुमार, जिन्होने दुनिया के पर्वतो को फतह किया

एक नजर में

  • 1960 के दशक में अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा पर ले जाने वाले सैटर्न वी की लम्बाई 110 मीटर थी।
  • SLS के भविष्य के संस्करण को ब्लॉक -2 कार्गो कहा जाता है।
  • स्पेस-एक्स द्वारा निर्मित किया जा रहा ‘स्टारशिप’ नामक व्हीकल 7 मेगा न्यूटन थ्रस्ट का उत्पादन करने में सक्षम है।
  • लॉन्च के बाद यह दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट होगा।
  • नासा अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी है।
  • नासा का गठन नैशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस अधिनियम के अंतर्गत 19 जुलाई 1948 में किया गया था।
  • नासा का मुख्यालय वाशिगंटन डी.सी में है।
  • इसरो भारत की स्पेस एजेंसी है।

ये भी पढ़ें— Contract Farming : नए जमाने की खेती, किसानों के लिए फायदा या नुकसान

ये भी पढ़ें— DRDO की बड़ी कामयाबी: भारत हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी हासिल करने वाला विश्व का चौथा देश बना

TheEdusarthi.com टेलीग्राम पर भी उपलब्ध है। यहां क्लिक करके आप सब्सक्राइब कर सकते हैं। Subscribe to Notifications

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *