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Incom Tax : जानें आयकर रिटर्न के बारें में, समय से नहीं चुकाने पर देना पड़ सकता है दुगुना जुर्माना

income tax returns theedusarthi

किसी भी व्यक्ति की आमदनी पर केंद्र सरकार कर वसूलती है, इसे ही आयकर या इनकम टैक्स कहा जाता है। वर्ष में एक बार व्यक्ति को एक आईटीआर फॉर्म में सरकार को आमदनी, खर्च, निवेश और टैक्स देनदारी के बारे में ब्यौरा देना होता है इसे आयकर रिटर्न (इनकम टैक्स रिटर्न) कहा जाता है। आयकर से होने वाली कमाई को सरकार अपनी गतिविधियों और जनता को सुविधा और सेवाएं देने के लिए इस्तेमाल करती हैं। आयकर रिटर्न वास्तव में आपकी आमदनी और खर्च का लिखित हिसाब-किताब है। केंद्र सरकार को विस्तार से यह जानकारी देते हैं कि उस वित्त वर्ष में आपने अपनी नौकरी, कारोबार या पेशे से कितनी रकम कमाई।

… इसलिए देनी पड़ेगी दोगुनी पेनाल्टी

  • सामान्य तौर पर किसी भी व्यक्ति के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई होती है।
  • इस डेडलाइन के बाद 31 दिसंबर से पहले इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने पर 5,000 रुपये की पेनाल्टी देनी पड़ती थी।
  • 31 दिसंबर के बाद लेकिन 31 मार्च से पहले रिटर्न फाइल करने के लिए यह पेनाल्टी बढ़कर 10,000 रुपये हो जाती है।
  • चूंकि, इस बार पहली डेडलाइन ही 31 दिसंबर तक बढ़ चुकी है, ऐसे में इसके बाद इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने पर 10,000 रुपये की पेनाल्टी देनी होगी।

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इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234F में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस सेक्शन के तहत, आईटीआर फाइल नहीं करने पर दो टियर में लेट फीस वसूलने का प्रावधान है।

कब—कब भरना पड़ता है जुर्माना

  • अगर कोई टैक्सपेयर आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन मिस कर देता है, लेकिन 31 दिसंबर से पहले आईटीआर फाइल कर देता है तो उनसे 5,000 रुपये पेनाल्टी वसूला जाएगा।
  • वहीं, अगर कोई टैक्सपेयर दूसरी डेडलाइन मिस करने के बाद 1 जनवरी से लेकर 31 मार्च के बीच में टैक्स फाइल करता है तो उनसे 10,000 रुपये पेनाल्टी के रूप में वसूला जाएगा।
  • एक वित्त वर्ष में 5 लाख रुपये से कम कमाई करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए पेनाल्टी की रकम 1,000 रुपये ही है।

किसे भरना है आयकर रिटर्न

  • अगर एक वित्त वर्ष में किसी व्यक्ति ने खुद या किसी दूसरे के विदेशी दौरे पर 2 लाख रुपये या इससे ज्यादा की रकम खर्च की है तो उन्हें इनकम टैक्स भरना होगा।
  • अगर किसी व्यक्ति ने एक वित्त वर्ष में 1 लाख रुपये से ज्यादा इलेक्ट्रिसिटी बिल भरा है तब भी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना होगा।
  • किसी बैंक या सहकारी बैंक के करंट में एक वित्त वर्ष में कुल 1 करोड़ रुपये या इससे ज्यादा की रकम डिपॉजिट की है तब भी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना होगा।

जीरो आईटीआर

आयकर विभाग के मौजूदा नियमों के हिसाब से अगर आपकी करयोग्य आमदनी सालाना 2.5 लाख रुपये से कम है, तो आपके लिए आईटीआर भरना जरूरी नहीं है। ऐसे में भी जीरो आईटीआर भर सकते हैं। जीरो आईटीआर का मतलब यह है क‍ि आप सरकार को टैक्स तो नहीं चुकाते, लेक‍िन अपनी आमदनी और खर्च की जानकारी देते हैं।

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आयकर रिटर्न और टैक्स भरने में अंतर

आयकर रिटर्न भरना और इनकम टैक्स जमा कराने में अंतर होता है। कोई व्यक्ति अगर करयोग्य आमदनी के दायरे में नहीं है, तब भी वह आयकर रिटर्न भर सकता है। जबकि आयकर उस दायरे में आना वाला व्यक्ति ही जमा करता है।

आयकर विभाग के आंकड़ें

आयकर विभाग के अनुसार, ’27 दिसंबर 2020 तक एसेसमेंट ईयर 2020-21 के लिए 4.23 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किए जा चुके हैं। रविवार को दोपहर 12 बजे तक 1,46,812 इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किए जा चुके हैं। 26 दिसंबर तक एसेसमेंट 2020-21 के लिए 4.15 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया जा चुका है। इसमें 2.34 टैक्सपेयर्स ने आईटीआर-1, 89.89 लाख आईटीआर-4, 49.72 लाख आईटीआर-3 और 30.36 लाख आईटीआर-2 फाइल किए गए।

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नया टैक्‍स स्‍लैब

2.5 लाख रुपये तक की आय पहले की तरह ही कर मुक्त रहेगी और 2.5 से 5 लाख रुपये तक की आय वाले करदाताओं को 5 फीसद टैक्स देना होगा। 5 से 7.5 लाख रुपये की सालाना इनकम पर 10 फीसद टैक्‍स का भुगतान करना होगा। 7.5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये की कमाई पर 15 फीसदी टैक्स देना होगा। 10 लाख रुपये से 12.5 लाख रुपये तक की सालाना आय पर नई टैक्स व्यवस्था के तहत 20 फीसद कर का भुगतान करना होगा।

एक नजर में

  • भारत में हर वर्ष 42 फीसदी टैक्स वसूला जाता है
  • सबसे अधिक टैक्स अर्थात कर महाराष्ट्र से वसूला जाता है।
  • बिहार हर वर्ष लगभग देश के कुल टैक्स में 0.65 फीसदी का योगदान देता है।
  • इस वर्ष कोरोनावायरस के कारण31 दिसंबर तक आयकर जमा रकने का वक्त दिया गया था।
  • केंद्र की मोदी सरकार द्वारा नवंबर 2016 में की गयी नोटबंदी के बाद आयकर रिटर्न फाइल करने वाले लोगों की संख्या में 17% की वृद्धि हुई थी।
  • व्यक्तिगत आय कर रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या में भी इस अवधि में 23% की वृद्धि हुई।

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