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Railway Development : पीएम मोदी ने ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की शुरुआत की, जानें कितनी बदल जाएगी रेलवे

inaugurates Eastern Dedicated Freight Corridor theedusarthi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के न्यू भाउपुर-न्यू खुर्जा सेक्शन का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अनुसार, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से मालगाड़ियों की गति तीन गुना हो जाएगी। दोगुना माल ढुलाई हो सकेगी। यह सबसे बड़ा और आधुनिक रेलवे प्रोजेक्ट धरातल पर उतर रहा हैं।

यह होगा फायदा

  • कानपुर, कन्नौज, कानपुर देहात, औरैया, फतेहपुर, इटावा, फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़ और आस-पास लगी इंडस्ट्री के लिए फायदेमंद साबित होगा।
  • नॉर्मल रेल लाइन पर दबाव कम होगा और इससे यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।
  • यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी।
  • अनाज और दूसरे सामान समय पर डेस्टिनेशन तक पहुंचाए जा सकेंगे।
  • नए फ्रेट कॉरिडोर में मैनेजमेंट और डेटा से जुड़ी टेक्नोलॉजी भारत में ही तैयार की गई है।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की ग्रोथ किसी भी देश का सबसे बड़ा स्रोत है। यह जितनी मजबूत होती है, राष्ट्र का विकास उतनी तेजी से होता है।
  • भारत में बीते छह साल से आधुनिक कनेक्टिविटी के हर पहलू पर काम किया जा रहा है।
  • इस कॉरिडोर से मालगाड़ियों की गति तीन गुना हो जाएगी।
  • दोगुना माल ढोया जा सकेगा। इन ट्रैक पर डबल डेकर मालगाड़ियां चलाई जा सकेंगी
  •  इससे कारोबार बढ़ेगा, निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। कारोबारी हो, किसान हो या कंज्यूमर सबको इसका लाभ मिलेगा।

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ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर

ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर यानी EDFC प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इसे मालवाहक ट्रेनों के लिए खासतौर पर बनाया गया है। इस पर केवल माल गाड़ियां ही दौड़ेंगी। 351 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर न्यू भाउपुर- न्यू खुर्जा सेक्शन तक है। इसे 5,750 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। इसकी कुल लंबाई 1856 किलोमीटर होनी है। जो पंजाब के लुधियाना से शुरू होकर हरियाणा, यूपी, बिहार और झारखंड से होते हुए पश्चिम बंगाल के दानकुनी तक जाएगा।
इसके साथ ही केंद्र सरकार 1504 किलोमीटर लंबे वेस्टर्न कॉरिडोर का भी निर्माण करवा रही है। ये ग्रेटर नोएडा के दादरी से शुरू होकर मुंबई जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक बन रहा है। केंद्र सरकार ने आने वाले दिनों में पूरे देश में माल वाहक ट्रेनों के लिए अलग से पटरियां बिछाने का फैसला लिया है।

प्रयागराज में कंट्रोल सेंटर

पूरे EDFC के लिए प्रयागराज का ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर एक कमांड सेंटर की तरह काम करेगा। ये सेंटर दुनिया भर में इस तरह के सबसे बड़े स्ट्रक्चर में से एक है। इसमें आधुनिक इंटीरियर्स का इस्तेमाल किया गया है। यह बिल्डिंग ईको फ्रेंडली है।

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2006 का प्रोजेक्ट क्यों लटक गया था

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अनुसार,  2006 में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद यह कागजों और फाइलों में ही बनता रहा। केंद्र को राज्यों के साथ जिस अर्जेंसी से संवाद करना था वह हुआ ही नहीं। नतीजा यह हुआ कि काम अटक गया, लटक गया, भटक गया। इसके लिए पैसा भी स्वीकृत हुआ, वह भी सही तरह से खर्च नहीं हुआ। इसका बजट 2014 में 11 गुना बढ़ गया। मैंने स्टेक होल्डर से बात की, समीक्षा की और केंद्र ने राज्य सरकारों को प्रेरित किया।

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