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Energy: पीएम मोदी ने चौथे भारत ऊर्जा मंच का उदघाटन किया, जानें आंकड़ों के साथ

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के अनुसार, भारत की ऊर्जा, विश्‍व को ऊर्जा प्रदान करेगी। सेरावीक संस्था द्वारा आयोजित चौथे भारत ऊर्जा फोरम का उदघाटन करते हुए श्री मोदी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और देश का ऊर्जा भविष्‍य उज्‍जवल और सुरक्षित है। आत्‍मनिर्भर भारत विश्‍व अर्थव्‍यवस्‍था का स्‍वरूप बदलने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कम कार्बन उत्सर्जन के साथ हमारा ऊर्जा क्षेत्र विकास केंद्रित, उद्योगों के अऩुकूल तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत घरेलू उड्डयन सेवा के मामले में तीसरा सबसे बड़ा और तेजी से विकास करने वाला उड्डयन बाज़ार है। उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों को बढ़ाने की दिशा में सबसे सक्रिय राष्ट्रों में से हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की ऊर्जा योजनाएं ऊर्जा के अऩुकूल है और वे सतत लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वैश्विक प्रतिबद्धताओं को पूरा करती हैं।

बायोमास

फसलों, पेडों, पौधों, गोबर, मानव-मल आदि जैविक वस्तुओं में निहित ऊर्जा को जैव ऊर्जा कहा जाता हैं। या  जीवित जीवों या हाल ही में मरे हुए जीवों से प्राप्त पदार्थ जैव मात्रा या जैव संहति या ‘बायोमास’ कहलाता है। प्रायः यहाँ ‘जीव’ से आशय ‘पौधों’ से होता है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय देश में बायोमास से बिजली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये कई कार्यक्रम चला रहा है। इसका उद्देश्य देश में उपलब्ध बायोमास संसाधनों जैसे- गन्ने की खोई, चावल की भूसी, पुआल, कपास के डंठल आदि का उपयोग बिजली उत्पादन में करना है।

नवीकरणीय उर्जा

नवीकरणीय उर्जा या अक्षय उर्जा उस ऊर्जा को कहा जाता है जो प्रदूषण नहीं फैलाता हैं तथा जिनके स्रोत का क्षय नहीं होता, जिनके स्रोत का पुनः-भरण होता रहता है। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत उर्जा, ज्वारीय उर्जा, बायोमास, जैव इंधन आदि नवीकरणीय उर्जा
हैं।

भविष्य की योजना

भारत हमेशा वैश्विक लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए काम करता है और हम विश्व को दिए अपने वचन निभाने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य वर्ष 2022 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को एक सौ 75 गीगा वाट तक और वर्ष 2030 तक चार सौ 50 गीगा वाट तक करने का है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शेष वैश्विक उद्योग जगत की तुलना में कहा कि भारत सबसे कम कार्बन उत्सर्जन वाले देशों में हैं। देश की शोधन क्षमता 2025 तक दो सौ पचास से चार सौ मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष हो जाएगी। सरकार की प्राथमिकता देश में घरेलू गैस उत्पादन बढ़ाने की है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक राष्ट्र ,एक गैस ग्रिड के साथ गैस आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ना है।

6 वर्षों में कितना बदलाव

प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, पिछले छह वर्ष में एक करोड़ दस लाख से अधिक स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट एलईडी में बदला गया है। इससे लगभग 60 अरब यूनिट प्रतिवर्ष की बिजली बचत हुई है। उन्होंने कहा कि इस योजना से साढ़े चार करोड़ टन से अधिक कार्बन डाईऑक्साईड उत्सर्जन में कमी आई है। उन्होंने कहा कि इससे लगभग 24 हजार करोड़ रूपये प्रतिवर्ष की बचत भी हुई।

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