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इतिहास से संबंधित क्विज 6
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भारत सरकार के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वर्ष 2020 के स्वच्छता सर्वेक्षण की घोषणा की। इस सर्वेक्षण का मकसद शहरों एवं महानगरों के बीच स्वच्छता के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। सरकार इसके जरिए स्वच्छ शहरों का निर्माण एवं सफाई के प्रति नागरिकों में अपने कर्तव्य की भावना विकसित करना है। इसके जरिए लोगों और नगर निकायों के पदाधिकारियों एवं सफाईकर्मियों को यह साबित करने का मौका मिलता है कि उनका शहर भारत के शहरों में साफ एवं स्वच्छ है।
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर को लगातार चौथी बार देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है। इस सर्वे में गुजरात के सूरत शहर को दूसरा एवं महाराष्ट्र के नवीं मुंबई को तीसरा स्थान मिला है।
जारी किए स्वच्छता सर्वे में टॉप—20 में मध्य प्रदेश के 4 शहरों ने बाजी मारी है। जिसमें पहले स्थान पर इंदौर, 7वें स्थान पर भोपाल, 13वें स्थान पर भोपाल एवं 17वें स्थान पर ग्वरालियर रहा।
वर्ष 2020 के स्वच्छता सर्वे के लिए 1 करोड़ 70 लाख लोगों ने स्वच्छता ऐप पर पंजीकरण किया था। इसके अलावा 11 करोड़ से अधिक लोग सोशल मीडिया के जरिए जुड़े थे। 31 जनवरी 2020 तक इसके लिए आवेदन प्राप्त किए गए थे जिसके बाद 20अगस्त को इसकी घोषणा की गई थी।
2020 के स्वच्छता सर्वेक्षण का आधार/पैमाना _
स्वच्छता रैंकिंग निम्न तथ्यों के आधार पर प्रदान की जाती है। घरों से समय पर कुडा एकत्रित करना, बिना जाम लगाए परिवहन करना, कूडें को रिसाइकिल करना और उसका उचित डिस्पोजल करना, नागरिकों की सहभागिता और नवाचार आदि को शामिल किया जाता है। इसके आधार पर शहरों/कस्बों को अंक प्रदान किए जाते है। शहरी क्षेत्रों में सर्वे का कार्य क्वालिटी काउंसिल आफ इंडिया के द्वारा की जाती है। प्रत्येक जिलें का मूल्यांकन चार मापदंडों के आधार पर किया जाता है। इस मापदंड में सबसे अधिक अंक स्वच्छ जल और शौचालय की सुलभता को प्रदान किया जाता है।
टॉप—20 स्वच्छ शहरों की सूची
1. इंदौर

2. सूरत
3. नवीं मुंबई
4. विजयवाड़ा
5. अहमदाबाद
6. राजकोट
7. भोपाल
8. चण्डीगढ़
9. वडोदरा
10. नासिक
11. लखनऊ

12. ग्वालियर
13. ठाणे
14. पुणे

15. आगरा

16. जबलपुर

17. नागपुर

18. गाजियाबाद

19. प्रयागराज

20. रायपुर

स्वच्छता सर्वे की पृष्ठभूमि
भारत के शहरों को स्वच्छ बनाएं रखने के लिए आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने पहली बार जनवरी 2016 में स्वच्छ सर्वेक्षण 2016 आयोजित किया था। इसके अंतर्गत 73 शहरों को सूचीबद्ध किया गया था।
दूसरे स्वच्छता सर्वेक्षण 2017 में 434 शहरों को सूची​बद्ध किया गया था।
तीसरा स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में किया गया इसमें 4203 शहरों को शामिल किया गया था। इस सर्वे को रिकार्ड 66 दिनों में पूरा किया गया था। यह विश्व का सबसे व्यापक स्वच्छता सर्वे बन गया था जिसमें 40 करोड़ शामिल हुए थे।
नोट:
भारत में जब पहली बार स्वच्छता सर्वे हुआ था तब मैसूर को पहला स्थान मिला था।
वर्ष 2017, 2018, 2019 और 2020 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर को पहला स्थान मिला है।
वर्ष 2020 की स्वच्छता रैंकिंग में बिहार की राजधानी सबसे फिसड्डी रही।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सर्वेक्षण की जिम्मेदारी पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय को सौपी गई है।

वर्ष 2020 का स्वच्छता सर्वेक्षण विश्व का सबसे विशाल सर्वेक्षण था। 2019 में हुए सर्वे से भी बड़ा।

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