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भारतीय रूपया अब विश्व के उन 6 देशों में शामिल हो गया है जिनकी मुद्रा का चिन्ह है। भारतीय रूपया दुनिया की छठी मुद्रा है।  अब भारतीय रूपया डॉलर, येन,पेसो,पाउंड और यूरो की श्रेणी मे शामिल हो गया है।

भारतीय रूपया का प्रतीक चिन्ह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आदान—प्रदान तथा आर्थिक मजबूती प्रदान करेगा। रूपए का चिन्ह भारत के लोकाचार का भी परिचायक है। भारतीय रूपए का प्रतीक चिन्ह देवनागरी लिपि के “र” और रोमन लिपि के “आर” को मिलाकर बना है, जिसमें एक क्षैतिज रेखा बनी हुई है। यह रेखा हमारे राष्ट्रीय ध्वज “तिरंगा” तथा गणित के “बराबर” चिन्ह को दर्शाता है। भारत सरकार ने 15 जुलाई 2010 को इस चिन्ह को स्वीकार कर लिया था।

डिजाइनकर्ता
यह चिन्ह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई से पोस्ट ग्रेजुएट डी. उदय कुमार ने डिजाइन किया है। इस चिन्ह को डिजाइन करने के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा एक खुली प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया था। एक हजार से अधिक प्रतिभागियों द्वारा आएं डिजाइन में से डी. उदय कुमार के डिजाइन को चुना गया। इसमें केवल भारतीय नागरिक भाग ले सकते थे। अब यह किसी भी भाषा में लिखा जा सकेगा।

नोट: भारतीय रूपया भारत की अधिकारिक मुद्रा है। रूपया को रिजर्व बैंक आफ इंडिया द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

भारत में नोटबंदी की घोषणा भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 8 नवंबर 2016 को की गई थी।
नोटबंदी के बाद पुराने पांच सौ और एक हजार रूपये के नोट को अवैद्य करार दे दिया गया।

वर्तमान में भारत में 1,2,5,10 रूपये के सिक्के चलते है।

भारत में एक, दो, पांच, दस, बीस , पचास, एक सौ, दो सौ, पांच सौ और दो हजार रूपये के नोट कार्य रूप में है।
डॉलर अमेरका की मुद्रा है जो विश्व में सर्वाधिक व्यापार के लिए प्रयोग की जाती है।
यूरो विश्व में दूसरा सबसे प्रयोग किया जाने वाला मुद्रा है। यह यूरोपीय देशों की मुद्रा है।
फिलिपिंस की मुद्रा पेसो का भी अपना चिन्ह है, पहले इसकी मुद्रा ​का चिन्ह भी डॉलर हुआ करता था 1967 में फिलिपिनों के अधिकारिक भाषा बनने के बाद इसकी मुद्रा का चिन्ह बदलकर पेसो कर दिया गया।
ब्रिटेन की मुद्रा को पाउंड कहा जाता है जबकि जापान की मुद्रा येन कहलाती है।

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