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IAS SUCCESS STORY :शादी के दबाव के बावजूद कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए यूपीएससी में सफलता की कहानी।

आजकल लड़के हो या लड़कियां जो सामान्य परिवार से आते है उन्हें आमतौर पर सुविधाओं और परिस्थितियों का रोना रोते सुना/देखा जा सकता है। आज सफलता की कहानी में एक धैर्यवान, इरादे की मजबूत, कुछ करने का जज्बा सजोएं एक बहादुर लड़की के बारे में जानेंगे जिन्होंने यूपीएएसी जैसी कठिन मानी जाने वाली परीक्षा में 83वॉ स्थान लाकर एक मिसाल कायम की है।

जैसी फिल्मों में दिखाया जाता है कि एक गरीब/सामान्य परिवार के होनहार ने मुश्किलों के बावजूद सफलता हासिल की हो, निधि एक सामान्य परिवार से आती है इन्होंने यूपीएससी के सपने को सच करके दिखाया है। एक समय तो ऐसा आया था जब उनके परिवार ने उनपर शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया था जैसा की समाज की एक रीति है कि सामान्य परिवार में एक समय के बाद बेटियों की शादी कर दी जाती है। निधि ने अपने परिवार को विश्वास में लेते हुए अपनी मेहनत के दम पर आखिरकार सफलता हासिल कर ली। ​

संक्षिप्त परिचय

निधि मूलत:गुरूग्राम हरियाणा से आती है, ये अपने भाई—बहनों में सबसे बड़ी है। इनकी शिक्षा यहीं पर हुई इन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई की है इसके बाद इन्होंने दो साल तक हैदराबाद की एक कंपनी में काम किया। पर यहां इनका मन नहीं लगता था जिसके बाद इन्होंने देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा सिविल सेवा की तैयारी में लग गई। इसी को ध्यान में रखते हुए इन्होंने AFCAT की परीक्षा दी जिसमें निधि ने सभी स्तरों को पार कर लिया, इसके साक्षात्कार के दौरान साक्षात्कारकर्ता ने इन्हें सेना की बजाय सिविल सेवा चुनने की सलाह दी जो उनको अच्छा भी लगा।
निधि पहले दो प्रयासों में असफल हो गई, लेकिन इन्होंने इसका दोष किसी और पर नहीं मढ़ा। और मजबूत इरादे के साथ वह तैयारी में जुट गई। इस बीच उनके जीवन में परेशानियां आती रही लेकिन इन्होंने हौसला नहीं हारा।
निधि ने सेल्फ स्टडी को अपना हमसफर बनाया और मेहनत करने लगी।
सेल्फ स्टडी का कठिन रास्ता निधि ने चुना तो था लेकिन इसमें बाधाएं आती रही, जैसा अन्य लोगों के साथ होता है। निधि ने इन बाधाओं को अपनी कमजोरी नहीं बनने दी।
अनोखी बात
जैसा आजकल कहा जाता है कि बिना कोचिंग के सफलता हासिल नहीं की जा सकती, बिना बैकग्राउंड के मंजिल नामुंकिन होती है। निधि इस आधारहीन जुमलें को ध्वस्त करती है। बिना कोचिंग, बिना ग्रुप स्टडी, के इन्होंने तीसरे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल कर ली, इसमें उनका 83वॉ स्थान आया। सबसे आश्चर्यजनक बात यह रही कि आजतक उनके परिवार का यूपीएससी तो छोड़िए किसी सरकारी नौकरी से नाता नहीं था।
आॅनलाइन ही सहारा
निधि कहती है कि घर में बंद रहने का मतलब यह नहीं है आप कंप्टीशन से ही कट जाओं, आॅनलाइन सारी सुविधाएं मीनियम चार्ज या नि:शुल्क उपलब्ध है, जो किसी भी अभ्यर्थी के लिए फायदे की बात है। ध्यान देने वाली बात है कि इंटरनेट रूपी सागर का दुरूपयोग न हो, निशाना सही जगह लगाया जाएं। यूपीएससी के अलावा कुछ न दिखें। आनलाइन जितने भी मॉक टेस्ट उपलब्ध हो चाहे आपको आते ही हो फिर भी मॉक टेस्ट जरूर हल करें। सफलता की कहांनिया पढ़ते रहें, उनसे प्रेरणा ले, हार तो माने ही नहीं।
यूपीएसी परीक्षा
यूपीएससी की 2018 की परीक्षा (तीसरे प्रयास) की प्रारंभिक परीक्षा में निधि ने मात्र 80 प्रश्नों को हल किया था, क्योंकि इसमें नाकारात्मकता से बचना सबसे जरूरी होता है। मेंस के लिए इन्होंने खूब मॉक टेस्ट दिएं, अपनी कमियां देखती और सुधार करती। आखिर मेंस और साक्षात्कार में भी वे सफल हो गई।

निधि से सीख
निधि की कहानी हमें बताती है कि हमें हर समय धैर्य रखना चाहिए, खुद पर विश्वास, ईश्वर के आशीर्वाद, कुछ पाने की ललक और सेवा का जज्बा बनाएं रखना चाहिए।सफलता के लिए कठिन मेहनत के अलावा दुनिया में कोई शार्टकर्ट नहीं होता। सही दिशा, सही समय और कठित मेहनत से नामुंकिन को मुंमकिन किया जा सकता है। बेटियों के लिए कोई भी काम असंभव नहीं होता, अगर वे ठान लेती है तो कोई भी मंजिल उनके लिए बौना होता हैं। कुछ गुण उन्में प्राकृतिक रूप से मौजुद होते है, बशर्ते वे अपनी ताकत को पहचानें। बेटियां परिवार एवं देश की शान होती है।

UPSC- UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION

IAS – INDIAN ADMINISTRATIVE SERVICE

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