बीसीजी टीकाकरण के कारण कम हुए COVID-19 के प्रभाव
April 6, 2020
7 April 2020 Current Affairs
April 7, 2020

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 6 अप्रैल, 2020 को प्रधानमंत्री और अन्य सांसदों के वेतन में 30% की कटौती करने को मंजूरी दी। उनके अलावा राष्ट्रपति, राज्यपाल और उपाध्यक्ष के वेतन में भी कटौती की जाएगी। सदस्यों से काटी गई राशि भारत के संचित कोष में जाएगी। कैबिनेट ने यह भी मंजूरी दी है कि MPLADS को 2 वर्ष के लिए स्थगित किया जाएगा। इस कदम से भारत सरकार 7,900 करोड़ रुपए की बचत करेगी।

क्या है भारत का संचित कोष

भारत के संचित कोष में भारत सरकार का राजस्व रखा जाता है। इस निधि की स्थापना अनुच्छेद 266 के तहत की गई है। इसमें प्रत्यक्ष कर, अप्रत्यक्ष कर, ऋण प्राप्तियां, उधार लिया गया धन शामिल हैं। इस कोष से संसद की अनुमति के बिना धन की निकासी नहीं की जा सकती। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, CAG, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश का वेतन इसी कोष से दिया जाता है।

क्या है MPLADS

MPLADS (Members of Parliament Local Area Development Scheme) इसे 1993 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत प्रत्येक सांसद को प्रतिवर्ष 5 करोड़ रुपये प्रदान किये जाते हैं। इसका उपयोग स्थानीय क्षेत्र के विकास के लिए किया जाता है।

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