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COVID-19 वायरस की जांच के लिए थर्मल स्क्रीनिंग का उपयोग किया जाता है। हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग के जरिये यात्रियों के शरीर के तापमान की जांच की गई। अब विस्तार से समझिए की क्या है थर्मल स्क्रीनिंग…

तापमान के साथ उत्सर्जित विकिरण का भी लगता है पता

थर्मल स्क्रीनिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा किसी वस्तु के बढ़े हुए तापमान के साथ उत्सर्जित विकिरण का पता लगाया जाता है। जब किसी व्यक्ति को बुखार होता है, तो उसके तापमान का स्तर बढ़ जाता है और थर्मल स्क्रीनिंग से उसका पता लगाने में मदद मिलती है। जब किसी वस्तु का तापमान बढ़ता है, तो उसके द्वारा उत्सर्जित विकिरण में भी वृद्धि होती है। थर्मल स्कैनर 1 से 3 सेमी की दूरी पर होने चाहिए। यदि सटीक रूप से तैनात नहीं किया जाता है, तो हवा का तापमान रिकॉर्ड किए गए तापमान को प्रभावित करेगा।

इन्फ्रारेड थर्मामीटर के बारे में भी जानें

भारत में मनुष्यों के लिए इन्फ्रारेड थर्मामीटर के उपयोग पर प्रतिबंध है। हालांकि, इनका उपयोग कोयला खदानों में किया जाता है। चूंकि ये थर्मामीटर लेजर तकनीक का उपयोग करते हैं, इसलिए वे हानिकारक हैं और इसलिए देश में प्रतिबंधित हैं।

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